शुक्रवार, 28 जनवरी 2011

अपना सौदा - जावेद अख्तर

आज मैंने अपना फिर सौदा किया

और फिर मैं दूर से देखा किया


जिन्‍दगी भर मेरे काम आए असूल

एक एक करके मैं उन्‍हें बेचा किया


कुछ कमी अपनी वफ़ाओं में भी थी

तुम से क्‍या कहते कि तुमने क्‍या किया


हो गई थी दिल को कुछ उम्‍मीद सी

खैर तुमने जो किया अच्‍छा किया

0 टिप्पणियाँ:

एक टिप्पणी भेजें

सदस्यता लें टिप्पणियाँ भेजें [Atom]

<< मुख्यपृष्ठ